Barish Ki Dua in Hindi
” Barish Ki Dua में अल्लाह से मांगते कि जो Barish हो रही है वह हमारे लिए फायदेमंद हो और किसी तरह की परेशानी ना लाए।”
Reference:- सहीह अल बुखारी हदीस नंबर : 1032
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Barish Se Pehle Ki Dua: बारिश मांगने की दुआ
शारिक की रिवायत है : सहीह अल-बुखारी 1014
अनस बिन मलिक ने कहा, “एक आदमी शुक्रवार ( Jumma ) को दरील-कदा के सामने वाले दरवाज़े से मस्जिद में दाखिल हुआ और Allah Ke Rasool (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) खड़े होकर खुतबा दे रहे थे।
वह व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) के सामने खड़ा हुआ और कहा, ‘Allah Ke Rasool सल्लाहु अलैहि वसल्लम, मवेशी मर रहे हैं और सड़कें कट गई हैं;
कृपया Allah Se Baarish Ki Dua करें।’ तो अल्लाह के रसूल (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने अपने दोनों हाथ उठाए और कहा, ‘अल्लाह! हमें बारिश की बरकत दे। अल्लाह! हमें बारिश की बरकत दे। अल्लाह! हमें बारिश की बरकत दे!
Barish Se Pehle Ki Dua:- अल्लाहुम्मा अगिस्ना, अल्लाहुम्मा अगिस्ना, अल्लाहुम्मा अगिस्ना
Tarjuma: “या अल्लाह, हमें बारिश दे, या अल्लाह, हम पर बारिश नाज़िल कर, अल्लाह! हमें बारिश की बरकत दे।
” अनस ने कहा, “Allah Ki Kasam, आसमान में Badal ना थे और हमारे और सिला पहाड़ के बीच कोई घर या इमारत नहीं थी। फिर उसके पीछे से (यानी सिला पहाड़) ढाल की तरह एक बड़ा Badal दिखाई दिया और जब वह आसमान के बीच में आया, तो फैल गया और फिर Barish हुई।
अल्लाह की कसम! हम एक हफ्ते तक सूरज नहीं देख सके। अगले शुक्रवार (Jumma) को, एक आदमी उसी दरवाजे से दाखिल हुआ और Allah Ke Rasool (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) शुक्रवार का खुतबा दे रहे थे और वह आदमी उनके सामने खड़ा हो गया और कहा,
‘अल्लाह के रसूल (सल्लाहु अलैहि वसल्लम)! मवेशी मर रहे हैं और सड़कें कट गई हैं; कृपया Allah Se Barish Rokne Ki Dua करें।'” अनस ने कहा, “अल्लाह के रसूल (सल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने अपने दोनों हाथ उठाए और कहा, ‘अल्लाह! हमारे चारों ओर और हमारे ऊपर नहीं।
ऐ अल्लाह!’ पहाड़ो पर, पहाड़ों पर, पहाड़ियों पर, घाटियों में और उन जगहों पर जहाँ पेड़ उगते हैं।'” अनस ने कहा, “बारिश बंद हो गई और हम धूप में चलते हुए बाहर आ गए।
” शरीक ने अनस से पूछा कि क्या यह वही व्यक्ति है जिसने पिछले शुक्रवार को बारिश के लिए कहा था। अनस ने जवाब दिया कि उसे नहीं पता।
Barish Ki Dua in English
“O Allah! Let it be a strong fruitful rain”
Tarjuma: “या अल्लाह, इस बारिश को हमारे लिए फायदेमंद बना।”
Barish Ki Dua in Arabic
“اللّهُمَّ صَيِّبًا نَافِعًا”
Barish Ki Dua in Urdu
“اے اللہ ہمیں نفع بخش بارش عطا فرما”
Barish Ke Baad Ki Dua: बारिश के बाद की दुआ
जब बारिश खत्म हो जाए, तो अल्हम्दुलिल्लाह Allah Ka Shukr अदा करना भी जरूरी है और कहे (Alhamdulillah) या अल्लाह इस फायदेमंद बारिश के लिए तेरा शुक्रिया।
इस दुआ को भी ज़रूर पढ़े : Raat me Sone Ki Dua
Barish Ki Dua: बारिश के लिए अल्लाह से दुआ
Dua Islam का एक अहम हिस्सा है, और जब बारिश की बात आती है, तो इसका एक अलग ही फजायल होते है।
बारिश की दुआ ना केवल अल्लाह से मदद मांगने का तरीका है, बल्कि यह हमारे और कुदरत के बीच के रिश्ते को भी दर्शाता है।
जब बारिश नहीं होती या जरूरत से ज्यादा होती है, तो हम अल्लाह से Barish Hone Ki Dua और Barish Kam Hone Ki Dua कर सकते हैं ताकि वह हमें बारिश से कोई भी नुकशान ना पहुंचे और हमारी मुश्किलें हल करे।
बारिश की दुआ हमें क्यों पढ़ना चाहिए?
हमारे प्यारे रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब भी बारिश देखते थे तो दुआ करते थे Barish Ke Waqt Dua करना सुन्नत है।
Muslim के लिए बारिश रहमत है। बारिश अल्लाह की ओर से दिए गयी नेमतों में से एक है।
Quran में भी बारिश को Allah Ki Mehrbaani के तौर पर देखा गया है।
यह न केवल Zameen को सींचती है बल्कि हमारे दिलों को भी ताजगी देती है।
इसलिए जब भी बारिश होती है या हमें उसकी जरूरत होती है, तो हम Allah Se Dua करते हैं।
जब बारिश नहीं होती या सूखा पड़ता है या बहुत ज्यादा हो जाती है, तो पूरी इंसानियत के लिए यह समय Muskil भरा होता है।
इस समय Barish Ki Dua अल्लाह से मदद मांगने का सबसे अच्छा तरीका होता है।
यह हमें याद दिलाती है कि सबकुछ अल्लाह के हाथ में है अल्लाह हर चीज़ पे कदीर है और हम सब को एक दिन लौट के अल्लाह पाक के पास जाना है।
Barish Ki Barkat: बारिश और रिज्क की बरकत
बारिश सिर्फ पानी नहीं लाती, बल्कि यह हमारी जिंदगी में barkat और रिज्क भी लाती है।
Allah Se Barish Ki Dua करना इस बात का प्रतीक है कि हमें उसकी Rahmat पर भरोसा है और वही हमारी जिंदगी को बनाने वाला है।
बारिश की दुआ का तरीका : Barish Ka Dua Ka Tarika
- 1. Baarish Ki Dua Ke Waqt सही नीयत और तस्लीम होना बहुत जरूरी है।
- 2. अल्लाह से दिल की गहराइयों से दुआ करें और यह यकीन रखें कि वह हमारी Duaye को सुनेगे।
- 3. Dua Karte Waqt हाथ उठाकर आसमान की तरफ देखना और Allah Ki Tarif करना सही तरीका है।
जब हम बारिश की दुआ करते हैं, तो यह सिर्फ पानी के लिए नहीं होती, बल्कि यह Allah Ki Rahmat की बारिश भी होती है।
इसका असर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में होता है, चाहे वह Kheti-Badi हो या हमारे रोज़ के काम।
अल्लाह से बारिश की दुआ करना यह भी दिखता है कि हम उसकी ताकत को मानते हैं और जब भी कोई परेशानी आये तो अपने अल्लाह ही से मदद तलब करते है और भरोसा करते हैं।
बारिश की दुआ से जुड़ी आम गलतफहमियाँ
कुछ लोग मानते हैं कि सिर्फ Imam ही बारिश की दुआ कर सकता है, जबकि यह गलत है।
हर कोई अल्लाह से दुआ कर सकता है, चाहे वह किसी भी स्थिति में हो। बस शर्त यह है कि दिल से किया जाए।
दुआ हमेशा उम्मीद का एक माध्यम होती है। जब हम बारिश की दुआ करते हैं, तो यह हमारे दिलों में उम्मीद और अल्लाह पर भरोसा पैदा करती है। यह दुआ हमें सिखाती है कि कठिनाइयों के बावजूद हमें अल्लाह पर यकीन रखना चाहिए।
कई बार बारिश की दुआ करने के बाद भी हमें तुरंत नतीजे नहीं मिलते, लेकिन यही वक्त होता है सब्र का इम्तिहान। अल्लाह की मर्जी पर भरोसा रखते हुए हमें सब्र करना चाहिए।
बारिश की दुआ – FAQs
क्या बारिश की दुआ हर कोई कर सकता है?
हां |
क्या बारिश की दुआ का असर तुरंत होता है?
यह अल्लाह की मर्जी पर निर्भर करता है.
बारिश की दुआ कब पढ़ी जाती है?
बारिश से पहले, बारिश के दौरान, और बारिश के बाद भी दुआ पढ़ी जा सकती है।
क्या बारिश की दुआ सिर्फ इमाम ही कर सकते हैं?
नहीं |
क्या बारिश की दुआ का खास तरीका है?
हां, दुआ करते वक्त सही नीयत, तस्लीम, और अल्लाह पर यकीन जरूरी है।
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